कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला साहू संघ के अध्यक्ष नारद साहू, तहसील साहू संघ अध्यक्ष प्रेमो साहू, संगठन सचिव माधवराम साहू, कार्यकारी अध्यक्ष पंचराम साहू एवं शांतिलाल साहू, उपाध्यक्ष दीनबंधु साहू, संयोजक विजय साहू, कोषाध्यक्ष राजकुमार साहू, सहसंयोजक it प्रकोष्ठ योगिता साहू, महिला प्रकोष्ठ सचिव ममता साहू तथा युवा प्रकोष्ठ संरक्षक निखिल साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यशाला में वक्ताओं ने परिवार में संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में माता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। मां बच्चे की पहली गुरु होती है और बच्चे के जीवन में संस्कारों की शुरुआत घर से ही होती है। इसलिए माताओं को चाहिए कि वे बच्चों को अच्छे संस्कार दें, बड़ों का सम्मान करना सिखाएं और उनमें प्रेम, सहयोग, समानता तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित करें।
कार्यक्रम के दौरान समाज में पारिवारिक मूल्यों को बनाए रखने, नई पीढ़ी को सामाजिक परंपराओं से जोड़ने तथा बच्चों को बेहतर वातावरण देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक संस्कारित परिवार ही मजबूत समाज की नींव होता है। समाज की प्रगति केवल उसकी संख्या से नहीं, बल्कि उसकी एकता, आपसी सहयोग और अच्छे संस्कारों से होती है।
इस अवसर पर छेदिलाल साहू, शंकर साहू, दिलोरिनबाई साहू, संत राम साहू, तेजनबाई साहू, ओंकार साहू, दिलेरा साहू, कलीराम साहू, जलेशराम साहू, लीलाराम साहू, मनोज साहू, दर्शन साहू, राम साहू, भोपसिंह साहू, रोहित साहू, दयाराम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से समाज में संस्कार, एकता और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
