बेमेतरा। ग्राम मरतरा, तहसील दाढ़ी में साहू समाज ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए चूड़ी उतराई की पुरानी परंपरा में बदलाव किया है। जिला साहू संघ बेमेतरा के अध्यक्ष श्री नारद साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाज के पदाधिकारियों, ग्राम प्रमुखों, मृतक के परिजनों और महिला सदस्यों की मौजूदगी में यह रस्म अब घर पर ही कराने का निर्णय लिया गया।
जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को स्वर्गीय रामजी साहू का निधन हुआ था। दशगात्र कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में उनकी धर्मपत्नी की चूड़ी उतराई की रस्म पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से तय किया गया कि यह रस्म तालाब में न कराकर दशगात्र के दिन घर पर महिलाओं की उपस्थिति में संपन्न कराई जाएगी, इसके साथ ही बैठक में दशगात्र के दिन शांति भोज आयोजित करने का निर्णय भी सर्वसम्मति से लिया गया।
तालाब की परंपरा बदली, महिलाओं की गरिमा को प्राथमिकता
साहू समाज में प्रचलित परंपरा के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद चूड़ी उतराई की रस्म तालाब में दूसरे समाज के पुरुषों की सहायता से कराई जाती थी। अब महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सहजता को प्राथमिकता देते हुए यह रस्म घर पर महिलाओं द्वारा संपन्न कराई जाएगी।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि परंपराएं समाज की पहचान होती हैं, लेकिन समय और परिस्थितियों के अनुसार उनमें आवश्यक बदलाव भी जरूरी है। इस पहल का उद्देश्य परंपरा का अपमान करना नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए सामाजिक रीति-रिवाजों को अधिक संवेदनशील बनाना है।
इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। महिलाओं के सम्मान को प्राथमिकता देने वाली इस व्यवस्था को समाज के लोगों का समर्थन मिल रहा है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में जिला साहू संघ बेमेतरा के अध्यक्ष श्री नारद साहू, तहसील साहू संघ दाढ़ी के अध्यक्ष श्री मोहित राम साहू, बेमेतरा तहसील अध्यक्ष रोहित साहू, परिक्षेत्र अध्यक्ष श्री बलदाऊ साहू, ग्रामीण अध्यक्ष श्री करन साहू, ग्राम के प्रमुख, स्वर्गीय रामजी साहू के परिजन और समाज की महिला सदस्य उपस्थित रहीं.
