बेमेतरा। जिला साहू समाज बेमेतरा द्वारा महिलाओं के सम्मान और गरिमा को ध्यान में रखते हुए सामाजिक परंपरा में बदलाव की पहल की गई है। पति की मृत्यु के बाद होने वाली चूड़ी उतराई की रस्म को लेकर जिला साहू समाज ने नई व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है
पहले पति की मृत्यु के बाद महिला की चूड़ी उतराने की रस्म तालाब में दूसरे समाज के पुरुष ( पौनी – पसारी) के माध्यम से किए जाने की परंपरा रही है। अब इस परंपरा में बदलाव करते हुए चूड़ी उतराई की रस्म घर में ही, दसगात्र कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा संपन्न कराई जाएगी। जिला साहू समाज का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य समाज की महिलाओं को सम्मान और गरिमा प्रदान करना है।
इसी पहल के तहत ग्राम ढारा, जिला बेमेतरा में 8 अक्टूबर को राम खिलावन साहू के पुत्र मना राम साहू के आकस्मिक निधन के बाद आयोजित दसगात्र कार्यक्रम के दौरान चूड़ी उतराई की रस्म नई व्यवस्था के अनुसार संपन्न कराई गई।

कार्यक्रम में जिला साहू समाज अध्यक्ष नारद साहू की उपस्थिति रही। इस दौरान प्रदेश प्रतिनिधि पंचम साहू, न्याय प्रकोष्ठ संयोजक घनाराम साहू, सह सचिव बल्लू साहू, परिक्षेत्र अध्यक्ष नारायण साहू, ग्रामीण अध्यक्ष केसो साहू, गंगा राम साहू सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे
जिला साहू समाज की ओर से किए गए इस बदलाव को महिलाओं की सामाजिक गरिमा और सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि समय के साथ सामाजिक परंपराओं में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए, ताकि महिलाओं को सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
इस पहल के माध्यम से जिला साहू समाज बेमेतरा ने सामाजिक परंपरा को महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जोड़ते हुए एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है।



