जानकारी के अनुसार, कक्षा छठवीं से आठवीं तक की बच्चियों को मध्याह्न भोजन परोसा जा रहा था। इसी दौरान भोजन में डामर की गोली दिखाई दी। मामला सामने आते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल भोजन बंद करवाया और बच्चियों को जांच के लिए अस्पताल भेजा।
अस्पताल में सभी 26 बच्चियों की जांच पूरी की गई। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, सभी बच्चियां पूरी तरह स्वस्थ हैं और जांच के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है।
वहीं, स्कूल में मौजूद अन्य बच्चों के लिए तत्काल दूसरा भोजन तैयार करवाया गया।
घटना के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर मध्याह्न भोजन में डामर की गोली कैसे पहुंची? भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने से पहले गुणवत्ता की जांच में क्या लापरवाही बरती गई? और इस मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
बच्चों के भोजन से जुड़ी इस घटना ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है।
